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पापा दिया क्यूं चले गए इतना जल्दी बचपन मेरे प्रिय पिताजी चूर लक्ष्य क्यूं हर्ष परवाज आसमां नन्हे पग बंधन जिन्न तन हिन्दीकविता अधूरा ही रह गया धैर्य नन्हे hindikavita

Hindi नन्हे मुन्ने Poems